भैराराम आत्महत्या कांड: मग्गू सेठ की गिरफ्तारी से भड़का जनाक्रोश, सर्व आदिवासी समाज ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

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रायपुर, छत्तीसगढ़ | मेघा तिवारी

जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर क्षेत्र में भैराराम आत्महत्या कांड ने पूरे सरगुजा संभाग को झकझोर दिया है। कुख्यात कारोबारी विनोद अग्रवाल उर्फ़ मग्गू सेठ की गिरफ्तारी के बाद सर्व आदिवासी समाज और सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति ने खुलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

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✦ क्या है मामला?

मग्गू सेठ पर लंबे समय से गरीबों और आदिवासियों, विशेषकर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरवा और पण्डो जनजाति की ज़मीन हड़पने के आरोप लगते रहे हैं।

22 अप्रैल 2025 को भैराराम पहाड़ी कोरवा ने लगातार धमकियों और ज़मीन कब्ज़े से तंग आकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश भर दिया।

✦ मग्गू सेठ का आपराधिक इतिहास

ज़मीन कब्ज़ा और आदिवासियों को धमकाने के कई आरोप

क्रशर हत्याकांड और कोरवा आत्महत्या प्रकरण में नाम

पुलिस FIR के बावजूद वर्षों तक फरार

सुप्रीम कोर्ट तक अग्रिम जमानत की कोशिशें, हर बार खारिज

अंततः दबाव बढ़ने पर सेठ ने न्यायालय में सरेंडर किया।

✦ जनता में गुस्सा और पुलिस पर सवाल

सेठ के सरेंडर की खबर मिलते ही जनता भड़क उठी।

प्रदर्शनकारियों की मांग:

👉 सिर्फ़ जेल नहीं, बल्कि आरोपी का सिर मुंडवाकर सार्वजनिक जुलूस निकाला जाए।

👉 पुलिस की कार्रवाई पर सवाल – क्या सच में गिरफ्तारी की कोशिश हुई या सब राजनीतिक साज़िश थी?

👉 यदि आरोपी सीधे कोर्ट पहुँच गया, तो यह पुलिस की बड़ी नाकामयाबी है।

✦ संघर्ष समिति की चेतावनी

सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति ने कहा: “भैराराम को न्याय दिलाने के लिए मग्गू सेठ का केवल जेल जाना पर्याप्त नहीं होगा। उसका सिर मुंडवाकर जुलूस निकाला जाए ताकि आदिवासी समाज को सुरक्षा का विश्वास मिल सके।”

समिति ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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