ब्रेकिंग, उत्तर प्रदेश : सोनभद्र।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से स्वास्थ्य विभाग की शर्मनाक लापरवाही सामने आई है। म्योरपुर के आरोग्य अस्पताल में एक प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को भर्ती करने के बजाय गेट से ही लौटा दिया गया।
अस्पताल ने नहीं दी इंट्री, गेट पर हुई डिलीवरी
जानकारी के अनुसार, महिला को जब परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो नर्स ने उन्हें भर्ती करने से इंकार कर दिया। नर्स ने यह कहते हुए जिम्मेदारी टाल दी कि “चाभी नहीं है।” मजबूर होकर महिला को अस्पताल गेट पर ही प्रसव करना पड़ा। आशा कार्यकर्ता और परिजनों ने गेट पर ही महिला की डिलीवरी कराई।

वायरल हुआ वीडियो
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला अस्पताल के बाहर सड़क किनारे प्रसव कर रही है, जबकि अस्पताल का स्टाफ मदद करने के लिए आगे नहीं आया।
नर्स पर रिश्वत मांगने का आरोप
महिला के पति ने गंभीर आरोप लगाया कि प्रसव के बाद नर्स ने मदद करने के लिए 200 रुपये की मांग की। पैसे देने के बाद ही उसने आगे सहयोग किया। इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य विभाग बल्कि सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री के दावों की पोल खुली
आकांक्षी जनपद सोनभद्र के आदिवासी क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के निरीक्षण और स्वास्थ्य सुधार के दावों की भी पोल खुल गई है।
गुस्से में परिजन और ग्रामीण
सरकारी अस्पताल की इस लापरवाही पर परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बद से बदतर है और सरकार के दावे केवल कागजों पर ही दिखाई देते हैं।
अब देखना होगा कि इस लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग और सरकार क्या कार्रवाई करती है।
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