रायपुर, छत्तीसगढ़ | मेघा तिवारी
शासन द्वारा चलाए जा रहे नक्सल आत्मसमर्पण-पुनर्वास योजना का असर लगातार दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में नगरी एरिया कमेटी की सचिव और 8 लाख रुपए की ईनामी महिला माओवादी जानसी उर्फ वछेला मटामी ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
जानसी मटामी ग्राम कोंदावाही (थाना गट्टा, तहसील धनोरा, जिला गढ़चिरौली- महाराष्ट्र) की रहने वाली है। वह जुलाई 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई थी और अलग-अलग पदों पर रहते हुए लंबे समय तक सक्रिय रही।
🔹 शुरुआत जनमिलिशिया सदस्य से की और बाद में एलओएस में सक्रिय रही।
- 🔹 माओवादी नेता नर्मदा और कार्तिक के साथ काम किया तथा प्रेस और प्रचार सामग्री तैयार करने का प्रशिक्षण भी लिया।
🔹 2011 में माओवादी डीव्हीसीएम सत्यम गावडे से विवाह किया और उसके साथ कई वर्षों तक संगठन में सक्रिय रही।
🔹 जुलाई 2014 से जुलाई 2022 तक नगरी एरिया कमेटी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और अंत में सचिव पद तक पहुंचीं।
माओवादी संगठन छोड़ने के कारण बताते हुए जानसी ने कहा कि—
“आज माओवादी निर्दोष ग्रामीणों की हत्या, अवैध वसूली और युवाओं को बहकाकर संगठन में शामिल करने जैसे कामों में लगे हैं। बड़े कैडर छोटे साथियों का शोषण करते हैं। ऐसे हालात देखकर मेरा मन विचलित होता था। आत्मसमर्पित साथियों के खुशहाल जीवन और शासन की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर मैंने भी आत्मसमर्पण का मार्ग चुना।”
उसने आगे बताया कि मुठभेड़ में पति सत्यम गावडे की मौत के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थी और अब अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीने की इच्छा रखती है।
समर्पण करने पर शासन की ओर से इनाम राशि, आवास, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।इस आत्मसमर्पण में सुकमा पुलिस की भी विशेष भूमिका रही।
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