महिलाओं और बच्चों के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करें: सचिव शम्मी आबिदी

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रायपुर, छत्तीसगढ़ से  मेघा तिवारी

 01 सितंबर 2025। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने आज इंद्रावती भवन, रायपुर में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में रायपुर जिले की आंगनबाड़ी सेवाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन, टेक होम राशन वितरण और राष्ट्रीय पोषण अभियान की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण पर जोर

सचिव आबिदी ने निर्देश दिया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और क्षेत्रीय अधिकारी ग्रामीण और शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें। निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना होना चाहिए।

मातृत्व योजनाओं पर सख्ती

बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और महतारी वंदन योजना पर विशेष जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुँचे। जिन मामलों में लाभार्थी उपलब्ध नहीं हैं, दस्तावेज अधूरे हैं या हितग्राही की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें तुरंत सत्यापित किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजर और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

टेक होम राशन में पारदर्शिता

सचिव ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व समय पर टेक होम राशन उपलब्ध कराना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। राशन वितरण या एंट्री में गड़बड़ी पाई जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एनीमिया और कुपोषण रोकथाम

सचिव ने बालिकाओं, शिशुवती महिलाओं और गर्भवती माताओं में एनीमिया रोकथाम पर विशेष बल दिया। उन्होंने पोषणयुक्त आहार जैसे हरी सब्जियां, सहजन, गुड़, तिल और चना को आहार में शामिल करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

सचिव शम्मी आबिदी रायपुर में आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा बैठक लेते हुए।
सचिव शम्मी आबिदी रायपुर में आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा बैठक लेते हुए।

 

पोषण ट्रैकर और मिशन मोड पर काम

सचिव आबिदी ने पोषण ट्रैकर ऐप के सही उपयोग और समय पर ऑनलाइन एंट्री की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि 01 सितंबर से शुरू हुए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत पूरे प्रदेश में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। सचिव ने कहा, “कुपोषण रोकने के लिए मिशन मोड में काम करें ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे।”

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक  पी. एल्मा, वरिष्ठ अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर, सीडीपीओ और सुपरवाइजर मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की रणनीति पर चर्चा की।

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