गोंदिया ।
अर्जुनी मोरगांव तहसील, जो शत-प्रतिशत धान उत्पादक क्षेत्र के रूप में जानी जाती है, इस समय लगातार बारिश से बुरी तरह प्रभावित है। पिछले कुछ दिनों से हो रही वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
कटी हुई धान की फसल खेतों में पड़ी होने के कारण बारिश के पानी में डूब गई, जिससे फसल पूरी तरह गीली और खराब हो गई है। खेतों में खड़ी धान की फसलें भी झुककर गिर गई हैं, जिसके चलते उत्पादन में भारी नुकसान की आशंका है।
लगातार हो रही बारिश से खेतों में तुड्डल, मावा और अन्य बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। बदलते मौसम की वजह से कीटनाशक का असर भी नहीं हो पा रहा है। किसान फसलों पर बार-बार छिड़काव कर रहे हैं, फिर भी कटाई का काम रुक गया है।
इस स्थिति से किसानों पर भारी आर्थिक संकट मंडरा रहा है। एक ओर फसल पर रोग और कीटों का खतरा, तो दूसरी ओर लगातार बारिश से खेतों में नमी बढ़ जाने से धान की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
🌧️ बारिश के कारण कटाई में देरी:
दीवाली नज़दीक है, लेकिन किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ़ दिखाई दे रही हैं। लगातार वर्षा के कारण कटाई में देरी हो रही है, जिससे उत्पादन घटने और धान के दाने काले पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
कृषि मज़दूरों को भी रोज़गार की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव और फसल की स्थिति देखकर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश जारी रही तो आने वाले सीजन में किसानों की स्थिति और खराब हो सकती है।